39+ Khamoshi Shayari, Quotes And Status In Hindi

Khamoshi shayari – कई बार जीवन में ऐसे मौके आते हैं जब कुछ भी कहना बेहतर नहीं होता और वहां हम चुप हो जाते हैं, ऐसा हर किसी के जीवन में होता है, खासकर जब दिल टूट जाता है या रिश्ता खराब हो जाता है, ऐसी स्थिति में यह अच्छा है कि चुपचाप बैठें और सोचें कि यह सब कैसे ठीक करें,

लेकिन कई बार बहुत देर हो चुकी होती है और देखने का कोई तरीका नहीं होता है,  ऐसी स्थिति में जीवन से सबक लेकर यह सोचना बेहतर होता है कि हमने क्या गलती की और अब हमें जीवन में किस तरह के कदम उठाने चाहिए, किसी को बार-बार सोचना चाहिए,

लेकिन कुछ भी कहना चाहिए, जीवन में ऐसे पलों में बहुत कुछ सीखा जाता है, लेकिन वह मौन इन मूक कविता की तरह बहुत कुछ कहने लगता है,  इन मूक कविता में शब्द भले ही कुछ ही हैं लेकिन इन शायरी का मतलब बहुत बड़ा है।

खामोशी शायरी

जवाब पलट कर देने में क्या जोर जनाब असली ताकत तो खामोश रहने में लगती हैं।

 

शिकायते तो बहुत है उनसे मेरी पर क्या करू य जो ख़ामोशी हैं मुझे कुछ कहने ही नहीं देती।

 

जब इंसान अन्दर से टूट जाता हैं‌ तो अक्सर बहार से खामोश जो जाता हैं। khamoshi shayari in hindi

 

क्या करोगे मेरी ख़ामोशी की पीछे की दर्द को जानकार कही मेरे दर्द को जानकार तुम भी खामोश न हो जाओ।

 

मेरी आवाज़ किसी शोर में गर डूब गई मेरी खामोशी बहुत दूर सुनाई देगी। ~ गुलज़ार

 

कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की। ~ गुलज़ार

 

रंग दरकार थे हम को तेरी ख़ामोशी के एक आवाज़ की तस्वीर बनानी थी हमें। ~ नाज़िर वहीद

 

ख़ामोशी का राज़ खोलना भी सीखो आँखों की ज़बाँ से बोलना भी सीखो। ~ सूफ़ी तबस्सुम

 

हम ख़ामोशी से देते हैं ख़ामोशी का जवाब, कौन कहता हैं अब हम बात नहीं करते।

 

जज्बात कहते हैं, खामोशी से बसर हो जाएँ, दर्द की ज़िद हैं कि दुनिया को खबर हो जाएँ।

Khamoshi status in hindi

जरूरी नहीं कि हर बात लफ़्ज़ों की गुलाम हो, ख़ामोशी भी खुद में इक जुबान होती है।

 

खामोशी समझदारी भी है और मजबूरी भी कहीं नज़दीकियां बढ़ाती है और कहीं दूरी भी।

 

तेरी मोह्हबत से जायदा जुरूरी तेरी ख़ामोशी है तोह उससे रहने दे प्यार जरुरी थोड़ी है।

 

दर्द चाहता है हो दुनिया को खबर, इस दिल में बसी है खामोसी बे सब।

 

ख़ामोशी में लाखो दर्द है हमारी, और हस्ते है तो सब पूछते है क्या हुआ। khamoshi shayari

 

तुम्हारी बाते और ये रातें,‌ ज़िन्दगी के लिए ही है, खमोशी तोह सरीफ रूह को सुनाई देती है।

 

हम लबों से कह न पाए उनसे हाल-ए-दिल कभी, और वो समझे नहीं ये “ख़ामोशी” क्या चीज़ है।

 

ये तुफान यूँ ही नहीं आया है इससे पहले इसकी दस्तक भी आई थी,  ये मंजर जो दिख रहा है तेज आंधियों का इससे पहले यहाँ एक ख़ामोशी भी छाई थी।

 

बड़ी ख़ामोशी से गुज़र जाते हैं हम एक दूसरे के करीब से फिर भी दिलों का शोर सुनाई दे ही जाता है।

खामोशी पर शायरी

इश्क़ के चर्चे भले ही सारी दुनिया में होते होंगे, पर दिल तो ख़ामोशी से ही टूटते हैं।

 

हमारी मोहब्बत जरूर अधूरी रह गयी होगी पिछले जन्म मे, वरना इस जन्म की तेरी ख़ामोशी मुझे इतना बेचैन न करती।

 

ख़ामोशी में चाहे जितना बेगाना-पन हो लेकिन इक आहट जानी-पहचानी होती है।

 

मेरी खामोशी से किसी को कोई फर्क नही पड़ता, और शिकायत में दो लफ़्ज कह दूं तो वो चुभ जाते हैं।

 

मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है, बड़ी शातिर है ये दुनिया बहाना ढूंढ लेती है, हकीकत जिद किये बैठी है चकनाचूर करने को, मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है।

 

अब अल्फ़ाज नहीं बचे कहने को एक वो है,जो मेरी ख़ामोशी नहीं समझती। khamoshi shayari

 

इन ख़ामोश हवाओं में थोड़ी आहट तो हो, उस बिखरी रूह को हमसे थोड़ी चाहत तो हो।

 

तेरी खामोशियों को पढ़कर खामोश हो जाता हूं, भला कर भी क्या सकता हूं गम-ए-आगोश हो जाता हूं।

 

तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए, तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए।

खामोशियाँ शायरी

तू बारिश की तरह अपनी खामोशी बरसा….हम भी सुखी मिट्टी की तरह महकते जाएंगे….!

 

चलो अब जाने भी दो यार क्या करोगे दास्तान सुनकर,खामोशी तुम समझोगे नहीं और बयां हमसे होगा नहीं।

 

सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे, खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया।

 

दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकरजब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है।

 

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह, लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह। khamoshi shayari

 

दोस्त की ख़ामोशी को मैं समझ नहीं पाया, चेहरे पर मुस्कान रखी और अकेले में आंसू बहाया।

 

कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे, हम उतना याद आयेंगे, जितना तुम मुझे भुलाओगे।

 

ख़ामोशी को इख़्तियार कर लेना, अपने दिल को थोड़ा बेकरार कर लेना, जिन्दगी का असली दर्द लेना हो तो बस किसी से बेपनाह प्यार कर लेना।

 

चलो अब जाने भी दो, क्या करोगे दास्ताँ सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं, और बयाँ हम से होगा नहीं।

 

उसने कुछ कहा भी नहीं और मेरी बात हो गई, बड़ी अच्छी तरह से उसकी खामोशी से मुलाक़ात हो गई।

 

देखोगे तो आएगी तुम्हें अपनी जफ़ा याद ख़ामोश जिसे पाओगे ख़ामोश न होगा। – अंजुम रूमानी

 

मिरी प्यास का तराना यूं समझ न आ सकेगा मुझे आज सुन के देखो मिरी ख़ामोशी से आगे। – नीना सहर

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