Masumiyat Shayari | Masumiyat Quotes | Masumiyat Status

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वो जान ही ना पायेगा कभी कितना मैं उसको चाहती हू, उसका मासूम चेहरा देखकर अपना हर जख्म भूल जाती हू।

 

गुस्सा इतना कि पूछो मत… ओर मासूमियत ऐसी, की कभी देखी नहीं।

 

उनके हर एक लम्हे कि हिफाजत करना ए खुदा मासूम चेहरा है उदास अच्छा नहीं लगता।

 

वो जो गुजरता है, तुम्हारी खिड़की के नीचे से रास्ता हर वक्त तुम्हे उस पर पलके बिछाए देखा है।

 

जब पूछते है लोग मेरे से तुम्हारी पहचान मेने तुमको घर में छुपते हुए देखा है।

 

धोका देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक, टूटे हुए हर कांच के टुकड़े को हीरा नही कहते। – masumiyat quotes

 

आँखे खुली रह गयी और खुदा जाने कितनी राते बीत गयी…, मैं मोहब्बत करता रहा और उसकी नफरत जीत गयी।

 

मुझसे प्यार करके मुझे धोखा दे गयी ना जाने किस जनम का तोहफा दे गयी…, अरे कितना मासूम दिखती थी वो कल मेरी थी आज किसी और की हो गयी।

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मुझको बस उसके मासूम से चेहरे का नशा हैं, मुझ पर कोई नशा वार नहीं करता…!! और मैं जान बूझकर दिखता हूँ मजनू जैसा इसीलिये कोई भी मुझसे प्यार नहीं करता।

 

मासूमियत तो रग रग में है मेरे, बस ज़ुबान की ही बद्तमीज़ हूँ।

 

दिल के अरमान आंसूओं में बह गए, हम इतने मासूम होकर भी तनहा रह गए। – Masumiyat shayari

 

होगा तू सबसे बड़ा सौदागर, लेकिन मेरी मासूमियत खरीद ले ऐसी तेरी औकात नहीं।

 

फरेबी भी हूँ, ज़िद्दी भी हूँ और पत्थर दिल भी हूँ, मासूमियत खो दी है मैंने वफ़ा करते-करते।

 

जब से फैला है ज़माने में रिश्वत का रोग, अरबो मे बिकने लगे है दो कोडी के लोग। – masumiyat quotes

 

कुछ इस कदर ताल्लूक टूटा है नींद से, कि चाहूं सपने में मिलूंगा उनकी मासूम से चेहरे से, तो सारी रात जागने में ही गुजर जाती है।

 

लिख दूं किताबें तेरी मासूमियत पर फिर डर लगता है कि हर कोई तुझे पाने का तलबगर ना हो जाये। – masumiyat status

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किस क़दर मासूम सा चेहरा था, उस का ग़ालिब धीरे से जान कह कर बेजान कर गया।

 

यही चेहरा..यही आंखें..यही रंगत निकले, जब कोई ख्वाब तराशूं..तेरी मासूम सी सूरत निकले।

 

कितने मासूम होते हैं ये आँसू भी, ये गिरते भी उनके लिये हैं जिन्हें परवाह नहीं होती इनकी। – Masumiyat shayari

 

जोड़ी भी खूब बनाई थी उस खुदा ने, वो मासूम सी लड़की और मैं शायर बदनाम।

 

किसी की मासूम हँसी के पीछे दर्द को महसूस तो कर, ऐ-दोस्त, सुना है अकसर लोग हँस हँस के खुद को सजा देते हैं।

 

मासूम होते है वो लोग जो दुनिया की दुनियादारी ना समझे। – masumiyat quotes

 

मासुम बनते है वे लोग जिन्हे जरूरत होती है हमसे।

 

जमाना कान भरता है तुम्हारे हमे मालूम है…मासूम है तू।

 

दम तोड़ जाती है हर शिकायत, लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है, मैंने क्या किया है? – masumiyat status

 

तेरे लिखे खतों में तेरे हाथों की खुशबू आज भी हैं, तु साथ नहीं मेरे पर तेरी मासूम चेहरे वफा में नाज आज भी हैं।

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प्यार कमजोर नहीं होता बस हद से ज्यादा मासूमियत उसे कमजोर बना देती है जैसे वक्त कभी कमजोर नहीं होते बस हालात उसे कमजोर बना देते हैं।

 

मासूम निगाहों को मुस्कुराते देखा है, मैंने अपनी मोहब्बत को तुम्हे दिल में छुपाते देखा है।

 

मासूम तेरी आँखों में मेरा दिल खो जाता है, जब जब तुझे देख लू मेरा जीवन मुकम्मल हो जाता है। – Masumiyat shayari

 

न जाने क्या मासूमियत है, तेरे चेहरे पर… तेरे सामने आने से ज़्यादा, तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है।

 

कहाँ से लाऊं वो हिम्मते मासूमियत के दिन । जिसे लोग कहा करते थे बच्चा है जाने दो।

 

आज उसकी मासूमियत के कायल हो गए, सिर्फ उसकी एक नजर से ही घायल हो गए। – masumiyat quotes

 

तेरे चेहरे पे, ये मासूमियत भी खूब जमती है..क़यामत आ ही जाएगी ज़रा-सा मुस्कुराने से।

 

मैं नासमझ ही सही मगर वो तारा हूँ जो, तेरी मासूम सी चेहरे पर एक ख्वाहिश के लिए सौ बार टूट जाऊं।

 

उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं, ये दिल उसका है, अपना होता तो बात और थी। – masumiyat status

 

कोई ताबीज़ ऐसा दो कि मैं चालाक हो जाऊं, बहुत नुकसान देती है मुझे ये मासूमियत मेरी।

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मेरी मासूमियत मुझसे चुरा गया, कोई इस तरह मोहब्बत मुझसे निभा गया।

 

क्या लिखूं तेरी तारीफ-ए-सूरत में यार, अलफ़ाज़ कम पड़ रहे हैं तेरी मासूमियत देखकर।

 

मासूमियत का कत्ल किस के सिर पर मढें, हमें ही शौक था समझदार हो जाने का। – Masumiyat shayari

 

मासूमियत की कोई उम्र नहीं होती… वो हर उम्र में आपके साथ रहती हैं।

 

मासूमियत तुझमे है पर तू इतना मासूम भी नहीं, की मैं तेरे कब्जे में हूँ और तुझे मालूम भी नहीं।

 

वरसो से अपनी मासूमियत का दावा करने वाला आज संगदिल की खिताब पर कब्जा कर बैठा है। – masumiyat quotes

 

 वक्त से पहले ही वो हमसे रूठ गई है बचपन की मासूमियत ना जाने कहां छूट गई है।

 

तेरा मासूम चेहरा देख कर तुम पर गुस्सा नहीं आता, अगर आ भी जाये तो वो भी तुम्हारे लिए प्यार बन जाता। – masumiyat status

 

कुछ बयान नहीं कर सकते तेरी मासूमियत को हम, तुम जितने भी गुना क्यों न कर लो लेकिन सजा के हक़दार होंगे हम।

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